जरूर देखें ऑस्कर के लिए चयनित फ़िल्म 'होमबाउंड'


 इधर भारत में बनने वाली जितने भी फिल्में हैं उनमें हिंसक फिल्मों ने अपना अलग ही स्थान बना रखा है. हमारे हिंसक हो रहे समाज में भी इन फिल्मों की मांग बढ़ चुकी है.
 ऐसे में समाज की मुख्य धारा से जुड़ी हुई विषयों पर फिल्म बनना, और उसका समाज में स्वीकृत होना किसी चैलेंज से कम नहीं है. अभी सामाजिक विषयों पर बनी फिल्म धड़क 2 ने अच्छा खासा समाज पर प्रभाव डाला था.
 कुछ ऐसे ही मुद्दों पर आगे बढ़ती हुई फिल्म है 'होमबाउंड'. मसान के निर्देशक नीरज घेयान के निर्देशन में बनी हुई फिल्म होमबाउंड एक और मिल का पत्थर साबित होने वाली है.
 इस फिल्म के मुख्य पात्र ईशान खट्टर और विशाल जेठवा हैं, जानवी कपूर की भी छोटी भूमिका है परंतु फिल्म के विषय अनुसार छोटी भूमिका भी उनकी बड़ा कारगर साबित होती है.
 कहानी भारत के उसी महत्वपूर्ण विषय के आसपास है जो आज का सामाजिक मुद्दा बन चुका है. कहानी के दो पत्र ईशान खट्टर और विशाल जेठवा. मुस्लिम और दलित युवक के रोल में दिखाई दिए हैं. ईशान खट्टर ने शोएब अली के रुप में ऐसे मुसलमान युवक की भूमिका निभाई है जो स्कूल रोजगार से लेकर आज तक में अपने मुस्लिम होने का दंस झेलता नजर आता है. वही विशाल जेठवा दलित युवक के रूप में चंदन की भूमिका में नजर आते हैं. उनकी भी कहानी कुछ ऐसे ही होती हैं.
 आज समाज में दलित और मुसलमान बच्चे किस तरह से रोजगार, शिक्षा तथा सम्मान के लिए समाज से लड़ रहे हैं इसी के इर्द गिर्द सारी कहानी रची गई है.

 कहानी का अंत बहुत ही दुखद है. परंतु बहुत दिनों बाद एक अच्छी मित्रता के फिल्म समाज को देखने को मिलेगी.
 मैं इस फ़िल्म को 10 में से आठ अंक देता हूं.

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