उपचुनाव के नतीजे और कमजोर विपक्ष पर भारी भाजपा का मजबूत चुनावी रणनीति
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आजमगढ़ सपा का मजबूत किला जो 2014 के मोदी लहर में भी नहीं बिखरा वह एक लोक कलाकार ने तोड़ दिया । इस जीत पर आदरणीय दिनेश लाल यादव जी निश्चित ही बधाई के पात्र है क्योंकि इन्होंने एक संघर्षपूर्ण जीवन जिया है ,उम्मीद है वे अपनी जनता के संघर्ष को समझ सकेंगे और अपनी फिल्मों से फुहड़ता कम कर देंगे ।
इस परिणाम पर मायावती जी के बयान ने मेरा ध्यान आकर्षित किया जाहिर है सभी राजनीतिक लोगों ने भी उनका बयान सुना होगा । उनका कहना है कि भाजपा को सिर्फ बसपा ही हरा सकती है , यह बात बिलकुल सत्य हैं और यह 2019 में भी हो जाता पर बहन जी यह बार बार भूलती जा रहीं है की आज भाजपा सिर्फ चुनाव नही लड़ रहा बल्कि वह दिखावे की लोकतंत्र सरकार चला रहा है और इसके निर्णायक सामंती सोच रखने वाले लोग है और इस सोच को वह अकेले नहीं बदल सकती।
गौर से इस चुनाव के परिणाम देखिए सपा और बसपा ने करीब छः लाख वोट हासिल किए है , उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा की बढ़त के लिए पूर्णतः मायावती जिम्मेदार है ।अखिलेश ने इस राजनीति को हमेशा महत्व दिया है और वे हमेशा उनके साथ रहने के लिए तैयार रहे है परंतु बहन जी की गलत निर्णयों की वजह से आज उनके समाज और उन पर उम्मीद रखने वाले लोग पुलिस की यातना सह रहे है ।