दिवाली
तुझ
बिन दिवाली को
दीप नही
दिल
जलता है
होली
को दुनिया
रंगीन रहती है
पर
मेरा दिल
बेरंग रहता है
जमाना
है लाखो के
मेले का
पर
तुझ बिन मेरा दिल
.......... अकेला ही रहता है |
---Dr.sanjeev shastra
