आज धार्मिक #जुलूसों, महापुरुषों की जयंतीयों पर उनको अनुसरण करने से ज्यादा समाज दिखावे में विश्वास करने लगा है. इन जुलूसों का मुख्य उद्देश्य महापुरुषों के विचार को फैलाना नहीं.. बल्कि अपने जाति और धर्म को झूठ दम्भ में प्रचारित प्रसारित करना होता है.
वर्तमान राजनीति की वास्तविकता भी यही है. अगर आपको सत्ता चाहिए न्याय चाहिए तो यह दिखावा भी करना होगा. आज के तों तथाकथित संत भी समाज को दया,दान, ईश्वर की उपासना की शिक्षा तो जरूर देते हैं परंतु खुद को लाव लस्कर के साथ समाज में प्रस्तुत करते हैं. यही कारण है कि आज गरीब और असहाय व्यक्ति को न्याय मिलना बहुत मुश्किल हो चुका है.
आज न्याय इन #सातकासिद्धांत पर निर्भर करती है.
ये हैं -🖋️
#सत्ता, संगठन, सम्पत्ति, शक्ति, शस्त्र, संघर्ष और शिक्षा.
जिनमें से प्रथम पांच आज समाज पर हर तरह से हावी है. इन सब से बचकर ही आप न्याय तक पहुंच सकते हैं जो की बहुत ही मुश्किल है.
संत रविदास के मानने वाले और उनके अनुयायी आज भी अपने पूजा पाठ और जुलुस शांति से निकालते हैं. इन्हीं सादगी का दूरपयोग दूसरे समाज के लोग करते हैं और इस समाज पर लगातार अत्याचार होते रहे हैं.
मध्य भारत में गुरु घासीदास के अनुयाई भी प्रारंभ में ऐसे ही शांति से कार्य किया करते थे.. लेकिन जब उन पर अत्याचार बड़ा तो उन्होंने भी अपने पूजा और प्रदर्शन में #शस्त्र प्रदर्शन को बढ़ावा देना शुरू कर दिया. नतीजा आज उनका समाज बहुत हद तक सुरक्षित है.
इसलिए वक्त आ गया है कि बाबा #रविदास के भी #अनुयायी भी अब #शस्त्र प्रदर्शन करें तभी उनपर सामाजिक अत्याचार कम होगा.
और एक बात उनके अनुयायियों को यह बात अपने हृदय से निकाल देना चाहिए की वें किसी धार्मिक ग्रंथ में विश्वास रखते थे. या किसी ईश्वर की उपासक थे.क्योँकि उनकी रचना जिस प्रकार से पाखंड और इस ईश्वरवाद पर प्रहार करती है, उनके ईश्वर उपासक होने की विचारधारा के विल्कुल विपरीत है.
जीवन चारि दिवस का मेला रे ।
बांभन झूठा , वेद भी झूठा , झूठा ब्रह्म अकेला रे ।
मंदिर भीतर मूरति बैठी , पूजति बाहर चेला रे ।
लड्डू भोग चढावति जनता , मूरति के ढिंग केला रे ।
पत्थर मूरति कछु न खाती , खाते बांभन चेला रे ।
जनता लूटति बांभन सारे , प्रभु जी देति न धेला रे ।
पुन्य पाप या पुनर्जन्म का , बांभन दीन्हा खेला रे ।
स्वर्ग नरक बैकुंठ पधारो , गुरु शिष्य या चेला रे ।
जितना दान देव गे जैसा , वैसा निकरै तेला रे ।
(फोटो सोसल मीडिया साभार )